नई दिल्ली। यूपी के जनपद मैनपुरी के तहसील किशनी गांव घोटारा में सन् 2000 में बनायी गई शहीद प्रतिमा स्थल पर लेखपाल और कानूनगो द्वारा बुलडोजर की कार्रवाई करने की ख़बर सामने आयी है। परिजनों का आरोप है कि लेखपाल और कानूनगो ने बिना सूचना दिए उनके शहीद के प्रतिमा स्थल पर बुल्डोजर चला दिया और उनकी दीवाल क्षतिग्रस्त कर दी। यह कार्रवाई नागरिकों और स्थानीय नेताओं के विरोध के बावजूद की गई है। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया है और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
बीते दिन की इस घटना को लेकर आज यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक सोशल प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए घोर निंदा की है और कहा है कि भाजपा अब शहीदों के स्मारक पर भी बुलडोज़र चलवा रही है। मैनपुरी में कारगिल के वीर शहीद मुनीश यादव के सन् 2000 में बने प्रतिमा स्मारक को मिट्टी में मिलाने का जो दुस्साहस प्रशासन ने शासन के इशारे पर किया है, उससे देश के सैनिकों और देशप्रेमियों के बीच मूक आक्रोश पनप रहा है।
देश के मान-सम्मान के लिए जीवन न्योछावर करनेवालों की शहादत का मोल भाजपाई कभी नहीं समझ सकते हैं क्योंकि इतिहास गवाह है कि आज़ादी के आंदोलन में जो लोग स्वतंत्रता सेनानियों का साथ देने की बजाय औपनिवेशिक शासकों के कान-आँख बनकर रहे, वो भला बलिदान की क़ीमत क्या जानें।
भाजपा की सियासत शहीदों में भी भेदभाव करने लगी है। ये नकारात्मक राजनीति का निकृष्टतम रूप है।
यदि भाजपा में जरा भी शर्म बची है तो मंडल से लेकर जिले स्तर के सभी बड़े अधिकारियों को तत्काल निलंबित करे और प्रतिमा-स्मारक की ससम्मान पुनर्स्थापना करे। नहीं तो हम सब मिलकर ये कार्य करेंगे।


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